बिहार बोर्ड: १० वीं रिजल्ट के बाद ११ वीं श्ट्रीम चुनने के लिए इम्प टिप्स

बिहार बोर्ड: १० वीं रिजल्ट के बाद ११ वीं श्ट्रीम चुनने के लिए इम्प टिप्स

बिहार बोर्ड 10 वीं परिणाम 2021: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से 10 वीं का रिजल्ट सोमवार, 5 अप्रैल 2021 को जारी कर दिया गया हैं। बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट के बाद छात्रों का ध्यान अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पर होगा। 10 वीं में पास होने के बाद छात्र उस मोड़ पर होते हैं जब उन्हें अपने भविष्य के लिए एक संभावित दिशा का चयन करना होता है। यानी 11 वीं कक्षा में तिथी स्ट्रीम की उनके करियर की दिशा तय होगी कि वे किस विंग में आगे की तैयारी करेंगे।

10 वीं कक्षा के रिजल्ट के बाद बहुत से पैरों में भी परेशान होते हैं कि वे अपने बच्चे को 11 वीं कौन से एजजेक्स / स्ट्रीम दिलाते हैं ताकि उनके बेटे-बेटियां अपने जीवन में प्रदर्शन कर सकें। यह निर्णय है कि सबस के लिए काफी कठिन होता है। लेकिन यहां हम कुछ जरूरी टिप्स दे रहे हैं जिनके जरिए आप को 11 वीं स्ट्रीम चुनने में कुछ मदद मिल सकती है।

10 वीं की स्ट्रीम भी महत्वपूर्ण-
वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में 9 वीं से छात्रों को कोई न कोई स्ट्रीम चुननी होती है जैसे में 11 वीं में काफी हद तक छात्र वहीं स्ट्रीम चयन होते हैं जो 10 वीं में उनके पास रहता है। जैसे साइंट स्ट्रीम का छात्र साइंस लेता है और आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र 11 वीं में आर्ट्स में एडमिशन लेते हैं। कई स्कूलों में भी ऐसे नियम होते हैं कि उनके शिक्षक छात्रों को रिकमंड करते हैंँ कि उनका एडमिशन किस स्ट्रीम में जाना चाहिए। ऐसे में पैर और छात्र अपने क्लास टीचर से स्ट्रीम चुनने में मदद ले सकते हैं-

1- 10 वें रिजल्ट का परसेंटेज तय करेंगे स्ट्रीम
छात्र को 11 वीं कक्षा में स्ट्रीम चुनने में उनके रिजल्ट का परसेंटेज भी तय करता है कि उनके लिए कौन सी स्ट्रीम स्ट्रीम होगी। जैसे कि 10 वीं साइंस के स्टूडेंट के अंक मैथ और इंग्लिश में बहुत अच्छे नहीं आते हैं तो वह 11 वीं आर्ट्स भी चुन सकती है। लेकिन फिर आपको भी यह ध्यान रखना होगा कि यदि छात्र मौजूदा स्ट्रीम यानी 10 वीं साइंस का छात्र मैथ्स, साइंस और इंग्लिश में बहुत अच्छे अंक (60% से ज्यादा) अंक लाता है तो उसके लिए आगे साइंस स्ट्रीम जारी रखने के लिए बेतर होगा।

2- छात्रों की रुचि को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीम चुनें-
पैरेंट्स को अपने बच्चे को स्ट्रीम चुनने में मदद करने में इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि उनके बच्चे की रुचि किन चीजों में ज्यादा ले रही है और उससे जुड़े विषयों में उसका प्रदर्शन कैसा है। यह बात को ध्यान में रखते हुए निर्णय कर सकते हैं। इसके साथ ही छात्र और पैरेंट्स अपने समय और परिस्थिति के हिसाब से आगे का फैसला कर सकते हैं। कोई भी मन में संदेश हो तो करियर काउंसलर या किसी अनुभवी शिक्षक की सलाह जरूर लें।

3- स्ट्रीम्स और उनसे जुड़े करियर क्षेत्र-
ए – आर्ट्स स्ट्रीम में करियर-
जिन्हें सोशल वर्क, एजुकेशन, साहित्य, मनोविज्ञान आदि के क्षेत्र में करियर बनाना है, उन्हें 11 वीं में आर्ट्स स्ट्रीम चुनना चाहिए।

बी – साइंस स्ट्रीम में करियर-
जिसे कंप्यूटर, आईटी, कंप्यूटर साइंस, डिफेंस अधिकारी, प्रबंधन आदि क्षेत्रों में करियर बनाना हो तो उन्हें साइंस की पीसीएम (फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स) स्ट्रीम चुननी चाहिए। साथ ही जिन्हें डॉक्टर बनना है या मेडिकल फील्ड में जाना है उनके लिए साइंस पीसीबी ((फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी) आवश्यक है।)

सी – कॉमर्स स्ट्रीम में करियर-
बैंकिंग, कंपनी सेक्रेटरी, सीए, इनकम टैक्स और वित्तीय क्षेत्र में करियर बनाना उनके लिए कॉमर्स लेना बेहतर होगा।

नोट- किसी भी स्ट्रीम का छात्र आगे चलकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकता है। यानी सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए स्ट्रीम बाबर नहीं है।

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